हरि हरि रट मनवा रे दिन रह गए थोड़े
हरि हरि रट मनवा रे दिन रह गए थोड़े Hari Hari Rat Manva Re Din Rah Gaye Thode किस को पता है कब ये हंसातन पिंजरे को तोड़े हरि हरि रट मनवा रेदिन रह गए थोड़े हरि हरि रट मन मरे बिन रेदिन रह गए थोड़े हरि हरि रट मनवा रेदिन रह गए थोड़े तू … Read more