Top Holi Ke Dohe – Holi Ke Rnag Birange Dohe
होली ऐसी खेलिए, मन का मैल धुल जाय
बैर-भाव सब छोड़कर, प्रेम हृदय भर जाय ॥
फागुन आया प्रेम का, उड़त गुलाल अपार
पिचकारी की धार से, भीगे सब संसार ॥
बरसाने बरसन लगीनौ मन केसर धार
ब्रज मंडल में आ गयाहोली का त्यौहार ॥
लाल हरी नीली हुई नखरैली गुलनार
रंग-रँगीली कर गया होली का त्यौहार ॥
साँवरिया रँगरेज नेकी रँगरेजी खूब
फागुन की रैना हुईरँग में डूबम डूब ॥
पिचकारी आँखिन लगीमलति करेजे बाल
पुनि देखति पुनि मलति हियकारण कवन जमाल ॥
इन होली भजन को भी देखे –
- होलिया में उड़े रे गुलाल डालो रंग रसिया पे
- होली खेलूंगी तेरे संग श्याम आजा मोरी गलियां में
- होली खेले रघुवीरा अवध मा
- तेरे संग मजा बड़ा आएगा होली में
- मैंने पहनी है नई नई साड़ी ना मारो पिचकारी रसिया
- चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो
- रंग बिरंगे रंग लायो हूँ राधे रानी मैं हटके
- ना डरो सुरंग रंग कान्हा क्या कहेगा जमाना
- नैनन में पिचकारी दई मोय गारी दई होरी खेली न जाय
- होली होली बोले मीठे रस घोले