टॉप होली के दोहे – होली रंग बिरंगे दोहे

Top Holi Ke Dohe – Holi Ke Rnag Birange Dohe

होली ऐसी खेलिए, मन का मैल धुल जाय
बैर-भाव सब छोड़कर, प्रेम हृदय भर जाय ॥

फागुन आया प्रेम का, उड़त गुलाल अपार
पिचकारी की धार से, भीगे सब संसार ॥

बरसाने बरसन लगीनौ मन केसर धार
ब्रज मंडल में आ गयाहोली का त्‍यौहार ॥

लाल हरी नीली हुई नखरैली गुलनार
रंग-रँगीली कर गया होली का त्‍यौहार ॥

साँवरिया रँगरेज नेकी रँगरेजी खूब
फागुन की रैना हुईरँग में डूबम डूब ॥

पिचकारी आँखिन लगीमलति करेजे बाल
पुनि देखति पुनि मलति हियकारण कवन जमाल ॥

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