
धूल माथे लगाई तिलक हो गया
Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya Lyrics
धूल माथे लगाई तिलक हो गया
टूटा सारा भरम मन सरल हो गया
मौन मेरा यहाँ प्रार्थना बन गया
दर्द को स्वर मिला तो भजन हो गया
भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर मैं शिव हो गया
घाट की सीढ़ियों पर नमन हो गया
भस्म की आरती में मगन हो गया
राख जलती चिता की जो माथे लगी
मृत्यु का भी हवन हो गया
भस्म तन पर रमी ये असर हो गया
काल का भय मिटा मैं अमर हो गया
साँस की लौ जो ईश्वर से जा मिली
शिव से मिलकर मैं शिव हो गया
Dhool Mathe Lagai Tilak Ho Gaya – Latest Shiv Bhajan