है तीनो लोको में हो रही माँ की जय जय कार
है तीनो लोको में हो रही माँ की जय जय कारमाँ हर इक मन में बस्ती है भगतो पे करे उपकारहै तीनो लोको में हो रही माँ की जय जय कार।। हर रोज सुबह माँ के चरणों में सूर्ये देव परनाम करेकरने को माँ पूजा अर्चन चाँद सितारे धाम खड़ेहै आठो पेहर लगे दर पे … Read more