
मुझको ऐ श्याम मेरे चरणों में अपने रख लो,
मैं नासमझ हूँ मेरे पापों को सारे ढक लो,
मुझको ऐ श्याम मेरे चरणों में अपने रख लो।।
डरता हूँ अंधेरों में तेरा साथ जो नहीं हो
विश्वास है ये मेरा तेरी रौशनी कहीं है
गर साथ हो जो तेरा तकराऊँ मैं जहाँ से
तूफानों से भी कह दो हद पार अपनी कर लो
मुझको ऐ श्याम मेरे चरणों में अपने रख लो।।
वो तो सदियों से ही है साथ जब हमारे
फिर काहे का दर है जब सांवरा खड़ा है
हार ना होगी तेरी मेरे श्याम ने कहा है
मन साफ़ हो जो तेरा दिल से उसे निरख लो
मुझको ऐ श्याम मेरे चरणों में अपने रख लो।।
तन्नू को छोड़ ना देना मझधार में कन्हैया
तुझ पर ही भरोसा संसार ने किया है
डूबेगी या बचेगी परवाह नहीं है मुझको
माहि है काम तेरा तो तुम ही इसे बचा लो
मुझको ऐ श्याम मेरे चरणों में अपने रख लो ।।