
राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने,
लूट लिया दिल तेरी अदाओ ने, अदाओ ने ,
राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने।।
सुघर सलोना नैना तेरे चमके दीपक जैसे ,
चंदा चमके जैसे चम् चम् बिंदिया चमके वैसे,
राधा री तुझको केश दिए है घटाओ ने ,
लूट लिया दिल तेरी अदाओ ने, अदाओ ने ,
राधा री मुझको पागल बनाया इन निगाहो ने।।
करन फूल जब लेते हिचकोले,
देव लोक की परियो का दिल ,
डगमग डगमग डोले ,
राधा री चंचलता दी है फिजाओ ने,
लूट लिया दिल तेरी अदाओ ने, अदाओ ने,
राधा री मुझको पागल बनाया है निगाहो ने।।
कहे अनाड़ी पतली सी बलखाये ,
चाल देख के हंस हँसनि मन अपने शर्माए,
राधा री मौसम बदल दिया है हवाओ ने,
लूट लिया दिल तेरी अदाओ ने, अदाओ ने,
राधा री मुझको पागल बनाया है निगाहो ने।।