चंदा झांके तेरे ही शीश से
सारा जग जगमगाये ॐ नमः शिवाय
गंगा बहती तेरी जटाओ से
सारे जग को नेहलाये ॐ नमः शिवाय।।
विष का प्याला जो पिया तूने
तबसे तू नील कंठ है
जग को संभाला तूने हर युग में
तबसे तू आदि अंत है ॐ नमः शिवाय।।
धरती अम्बर क्या है तुझी में ही
तीनो लोक समाये ॐ नमः शिवाय
जनम जनम के पाप धूल जाए
ऐसी शक्ति है तुहि
किश्मत के ताले खुल जाए
करता जो भक्ति जो तेरी
नंदी पे होक सवार तू
करदे सबका उद्धार तू
हारले सारी बालाये
काल आके फिर लौट जाए रे
मृत्युंजय जो भी गाये रे ॐ नमः शिवाय।।
देवो के देव हो तुम त्रिदेव में
जो महादेव कहलाये ॐ नमः शिवाय।।
हो विष का प्याला जो पिया तूने
तबसे तू नील कंठ है
जग को संभाला तूने हर युग में
तबसे तू आदि अंत है ॐ नमः शिवाय।।
चंदा झांके तेरे ही शीश से
सारा जग जगमगाये ॐ नमः शिवाय
गंगा बहती तेरी जटाओ से
सारे जग को नेहलाये ॐ नमः शिवाय।।
ॐ शंकराये नमः
ॐ महेश्वराये नमः
ॐ सदा शिवाय नमः शिवा शिवा
ॐ दिगम्बराय नमः शिवा शिवा