जहाँ दर्दे दिल को मिल जाता आराम है

जहाँ दर्दे दिल को मिल जाता आराम है,
कुछ और नहीं वो केवल खाटू धाम है।।

अरे कौन मिटाता दर्द क्या उसका नाम है,
बाबा श्याम है वो बाबा श्याम है,
जहाँ दर्दें दिल को मिल जाता आराम है,
कुछ और नहीं वो केवल खाटू धाम है।।

मैंने दर दर ठोकर खाई फिर याद तुम्हारी आई,
मैं मुंह से कुछ ना बोला बस आँखे भर भर आई,
गिरने से पहले आंसू लेता थाम है बाबा श्याम है वो
जहाँ दर्दें दिल को मिल जाता आराम है।।

अब दुनिया कुछ भी बोले तेरे रहते हम ना डोले,
हो बीच भंवर में नैया कितने खाए हिचकोले,
नैया का माझी जब तू मेरा श्याम है,
बाबा श्याम है वो बाबा श्याम है,
जहाँ दर्दें दिल को मिल जाता आराम है।।

एक तेरी बदौलत बाबा परिवार मेरा है पलता
तेरे ही नाम से बाबा शैली का सिक्का चलता
जितनी भी बची है सांसे अब तेरे नाम है
बाबा श्याम है वो बाबा श्याम है,
जहाँ दर्दें दिल को मिल जाता आराम है।।

अरे कौन मिटाता दर्द क्या उसका नाम है,
बाबा श्याम है वो बाबा श्याम है,
जहाँ दर्दें दिल को मिल जाता आराम है,
कुछ और नहीं वो केवल खाटू धाम है।।

Leave a Comment