
आज होरी है होरी है आज होरी है
Aaj Hori Hai Hori Hai Aaj Hori Hai
आज होरी है होरी है आज होरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है ॥
रंग बिरंग रंग पिचकारिन,
अंग अंग रँग बोरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है॥
जोइ देखत सोइ हँसत कहत अस,
इन्द्र धनुष छवि चोरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है
इकटक लखतहुँ जानि सकत नहिं,
इकटक लखतहुँ जानि सकत नहिं,
को छोरा को छोरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है॥
छोरा है छोरी है हो छोरा है छोरी है
छोरी है छोरा है छोरी है हो छोरा है
इकटक लखतहुँ जानि सकत नहिं,
को छोरा को छोरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है ॥
सबै दिवाने मनमाने जनु,
पिये भंग रस घोरी है।
आज होरी है होरी है आज होरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है ॥
हमहुँ ‘कृपालु’ उच्च स्वर सों कह,
सखन सखिन सँग होरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है
आज होरी है होरी है आज होरी है॥
नन्द गाँव की छोरी है, बरसाने की छोरी है।
हो हो होरी है हो हो होरी है
नन्द गाँव की छोरी है, बरसाने की छोरी है
हो हो होरी है हो हो होरी है ॥
रचना – जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज
Aaj Hori Hai Hori Hai Aaj Hori Hai
Aaj Hori Hai Hori Hai Aaj Hori Hai
Rang Birang Rang Pichkarin
Ang Ang Rang Bori Hai
Aaj Hori Hai Hori Hai Aaj Hori Hai