हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी फिर भी तन्हाइयो का शिकार आदमी
हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमीफिर भी तन्हाइयो का शिकार आदमी।। Har Taraf har Jagah Beshumar Aadami Lyrics Hindi हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमीफिर भी तन्हाइयो का शिकार आदमी।। सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआसुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ।। चैन खोता चैन खोताचैन खोता चैन खोता।। चैन खोता हुआ बार बार … Read more