जिसने मरना सीखा लिया है
वन्दे मातरम वन्दे मातरम वन्दे मातरमजिसने मरना सीखा लिया है,जीने का अधिकार उसी कोजो काँटों के पथ पर आया,फूलों का उपहार उसी को।। जिसने गीत सजाये अपने,तलवारों के झन-झन स्वर परजिसने विप्लव राग अलापे,रिमझिम गोली के वर्षण परजो बलिदानों का प्रेमी है,जगती का प्यार उसी को।। हँस-हँस कर इक मस्ती लेकर,जिसने सीखा है बलि होनाअपनी … Read more