किस रोज पधारोगे गणपति मेरे आंगन में
किस रोज पधारो गे गणपति मेरे आंगन में,बेह जाए न कुटिया मेरी आंसुयो के सावन मेंकिस रोज पधारो गे गणपति मेरे आंगन में।। तुम्हे कसम है भोले की तुम्हे कसम है गोरा कीतुम्हे भरनी ही होगी खुशिया मेरे दामन मेंकिस रोज पधारो गे गणपति मेरे आंगन में।। है सूना यही हमने तुम पालनहारे होक्यो गमो … Read more