नित प्रेम की गंगा बेहती है बाला जी तुम्हारे चरणों में
नित प्रेम की गंगा बेहती है बाला जी तुम्हारे चरणों में,फल मिलता है सब तीर्थो का बाला जी तुम्हारे चरणों में।। मैं जन्म जन्म से भटका हु अब शरण तुम्हारी आया हु,हम बुले भटके जीवो का कल्याण तुम्हारे चरणों में,नित प्रेम की गंगा बेहती है बाला जी तुम्हारे चरणों में।। दुखियो के कष्ट मिटाते है,दुःख … Read more