हम तेरे नादान से बालक तुम दया के सागर हो
हम तेरे नादान से बालक तुम दया के सागर हो,एक एक बूंद में तेरे अमृत हमको जान से प्यारा है,हम तेरे नादान से बालक तुम दया के सागर हो ।। यह जीवन है तेरी अमानत इसको अपना ही माना,जब तक तेरी शरण ना आयी अपना इसको ना जाना,तुम हो जग के पालनहारे मेरा भी कुछ … Read more