अंजनी सूत अम्बर पर देखे गोल गोल कुछ लाल लाल
माँ अंजनी को था श्रापभानु उगते ही निकलेतंन से प्राणमा की ममता वास क्रोधित होसूरज निगल गये हनुमानसूरज निगल गये हनुमान।। अंजनी सूत अम्बर पर देखेगोल गोल कुछ लाल लाल लालअंजनी सूट अंबार पर देखेगोल गोल कुछ लाल लाल लालचंचल बचपन उछाले कूड़े।। माँ अंजनी को था श्रापभानु उगाते हाय निकलेतन से प्राणमाँ की ममता … Read more