भक्ति के रंगे रंग में हनुमान नज़र आये
जब रोक लिया सब झगड़ाचांदी को दाब पाताल गएवहां अहिरावण को जा रगड़ापान फूल सब भक्षण कर गएदसकंदर से किया झगड़ाइतने काम सुधारे राम केतब हनुमान भयो रंगला ।। भक्ति के रंगे रंग में हनुमान नज़र आये,चीर दिया सीना सियाराम नजर आए।। सुग्रीव के संग वन में हनुमान जी मिले थे,मित्रता के फूल मन मे … Read more