मैंने बाला जी को दिल से बुलाया है
मैंने बाला जी को दिल से बुलाया हैबालाजी को दिल से बुलायाचरणों में शीश झुकाया हैचरणों में शीश झुकाया है।। मेहँदीपुर की गलियों में जय कारे बाला जी के गूंजेमैंने चूरमा भोग लगाया है चरणों में शीश जुकाया हैमैंने बाला जी को दिल से बुलाया है।। भुत पिशात निकट ना आवे जब बाला जी ध्यान … Read more