सुनी उड़े बात नई कीर्तन में
सुनी उड़े बात नई कीर्तन में।।सुनी उड़े बात नई कीर्तन में।। बाबा का दरबार लगा थादेसी घी का दिया जला थासबने महक लायी री कीर्तन मेंसुनी उड़े बात नई कीर्तन में।।सुनी उड़े बात नई कीर्तन में।। जय बजरंग की सारे बोलेदेख सवारका नार ना बोलेजय जय गूँज रही कीर्तन मेंसुनी उड़े बात नई कीर्तन में।।सुनी … Read more