मेरा बाबा शीश का दानी
खाटू के चप्पे चप्पे पे श्याम की है निगरानीइस नगरी का कण कण बोले भक्तों श्याम ज़ुबानीमेरा बाबा शीश का दानी ………………. बाबा के प्रेमी उनको रिझाये रींगस से खटू मिलने आएंकोई पेट पालनीय कोई चलकर आये कोई दौड़ श्याम को निशान चढ़ायेसब भक्तों के संग में चलता बर्बरीक कल्याणीइस नगरी का कण कण बोले … Read more