भटक रहे है दर दर हम ढूंढ रहे है तुम्हे कदम
भटक रहे है दर दर हमढूंढ रहे है तुम्हे कदम,कहा छुपे हो बाबा मुश्किल में हम,आ भी जाओ वरना रो देंगे हम।। सुना है हमने लाखो पापी तुमने तार दिये,हारे हुए की साथ की खातिर तुम अवतार लिएदुनिया करती बहुत सितम जीवन में है गम ही गम,अपनों को भी भूल चुके अब तो हम,आ भी … Read more