हारे का तू बन के साहरा आ जाता
हारे का तू बन के साहरा आ जाता,मैं भुलाता हूँ पर फिर भी तू आता ना,दास तेरे का बिगड़ा मुकदर बन जाता,मैं भुलाता हूँ पर फिर भी तू आता न।। तेरी प्रीत के खातिर बाबा सारी दुनिया छोड़ी ,अब तेरे बिन जी ना लागे कैसी प्रीत निगोड़ी,तेरे सिवा अब कुछ भी मन को भाता न,मैं … Read more