कोई जब तुम्हारा सहारा ना हो
कोई जब तुम्हारा सहारा ना हो,फँसी नाव को जब किनारा ना हो,तब तुम चले आना दरबार में ये बाबा खड़ा है,खड़ा ही रहेगा तुम्हारे लिये,कोईं जब तुम्हारा सहारा ना हो,फँसी नाव को जब किनारा ना हो।। अंधेरो भरी हर तेरी राह में,चले बन उजाला तेरे साथ में,हो रंगीन पल या ग़मों की घड़ी,तेरा हाथ होगा … Read more