साँवरे किस्मत का मारा हूँ खाटू नगरी आया हूँ
साँवरे किस्मत का मारा हूँ, खाटू नगरी आया हूँ,श्याम धनि तू सेठ कहावे,आशा लेकर आया हूँ ।। घर से बेघर हुआ संवारे सुनता न कोई मेरी है,सगे सभ्न्दी हसी उडाये काहे लगाई देर है,हारे का इक तू ही सहारा ये अरदास लगता हूँ,श्याम धनि तू सेठ कहावे,आशा लेकर आया हूँ।। लख दातार कहाते हो तुम … Read more