साथी हारे का तू मुझको भी जिताने आजा
साथी हारे का तू मुझको भी जिताने आजा भजन लिरिक्स Saathi Haare Ka Tu Mujhko Bhi Jitane Aaja साथी हारे का तू मुझको भी, जिताने आजा,तू मेरी लाज को लूटने से, बचाने आजा,तू मेरी लाज को लूटने से,बचाने आजा।। रिश्तों के खेल में,रिश्तों से ही हारे है,अपनों के बिच में,रहकर भी बेसहारे है,कैसे जियूँगा यूँ … Read more