छम छम कर तो आजा बाबा नीले चढ़ के
अमृत बरस रेहो अम्बर से,छम छम कर तो आजा बाबा नीले चढ़ के।। फुला के गजरो से बाबा यो सिंगार सजाया,केसर की खुसबू से मेरो अंगन है महकाया,प्यारो शृंगार सजाआयो क्यों तू देर करे ,छम छम कर तो आजा बाबा नीले चढ़ के।। भगतो ने सब मिल कर बाबा तेरी ज्योत जलाई,नीले वाले जल्दी आजा … Read more