छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार ओ बाबा मरते दम तक
छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार,ओ बाबा मरते दम तक।। दोहाचाहे छुट जाये ज़माना या माल-ओ-जर छूटे,ये महल और अटारी या मेरा घर छूटे,इसीलिए तो कहता है ‘लख्खा’,श्याम बाबा, सब जगत छूटे,पर आपका ना दर छूटे।। छोड़ेंगे ना हम तेरा द्वार, ओ बाबा मरते दम तक,मरते दम नहीं, अगले जनम तक,अगले जनम नहीं, सात जनम तक,सात … Read more