दर दर हुये भटको को दर पे तुम भुलाते हो
दर दर हुये भटको को दर पे तुम भुलाते हो Dar Dar Hue Bhatkon Ko Dar Pe Tum Bulate Ho दर दर हुये भटको को दर पे तुम भुलाते होथक हार के आता है जो सीने से लगाते हो,दर दर हुये भटको को……. बस मन में कभी सोचा तुमने है पूरा किया,जब दिल से माँगा … Read more