खाटू की माटी पावन जिसकी महिमा अपरम्पार
खाटू की माटी पावन जिसकी महिमा अपरम्पार,किस्मत वाले आते मेरे श्याम धणी के द्वार,किस्मत वाले आते मेरे श्याम धणी के द्वार।। खाटू में मेला लगता देखो बड़ा भारी,दर्शनों का प्यासा दिखे हर नर नारी,अपने प्रेमी से मिलने को रहता ये तैयार,किस्मत वाले आते मेरे श्याम धणी के द्वार,किस्मत वाले आते मेरे श्याम धणी के द्वार।। … Read more