दास तुम्हारा तरस रहा है दर्शन दो अब शाम
दास तुम्हारा तरस रहा है दर्शन दो अब शामतुम सब जानते हाल मेरा दर्शन दो घनश्यामदास तुम्हारा तरस रहा………………. जब जब चांदन ग्यारस आती यादें तुम्हारी दिल तड़पातीतेरे दर्शन की चाहत में सेवक तड़पे दिन और रातीबाँट निहारु मैं तो तेरी लीले के असवार रिश्ता ये जोड़ा जन्मो का तुमसे फिर इतना क्यों बिसराते होभूल … Read more