तूने मुरली काहे बजाई कि निंदिया टूट गई
तूने मुरली काहे बजाई कि निंदिया टूट गईतूने ऐसी तान सुनाई कि मटकी छूट गईतूने मुरली काहे बजाई……………… यमुना के तट पर सारी सखिया आई थीराधा के संग में आकर रास रचाई थीतूने काहे डगरिया चलाई कि मटकी टूट गईतूने मुरली काहे बजाई……………… मुरली कि धुन सुनकर के गौएँ आती थीग्वाल बाल सब आते संगी … Read more