यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे
यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,मुझे दुनिया ताने मारेगी,मेरी नर्म कलाई सँवारे,कैसे इतना जोर सहारेगी,यूं ना ब्याह पकड़ मेरी सँवारे,मुझे दुनिया ताने मारेगी।। तेरी मुरली सुनके आयी थी ,जब तूने मधुर सुनाई थी,मैं रोक सकीय न खुद को,खींची तेरी धुन पे आयी थी,तेरी मुरली बैरन कबतक यूं ,हम पर जादू डालेगी।। यूं ना ब्याह पकड़ … Read more