हरि बिना मोरी गोपाल बिना मोरी मोरी कौन खबर ले
हरि बिना मोरी गोपाल बिना मोरीलक्ष्मी नाथ बिना मोरीगोपी नाथ बिना मोरीसावल सेठ बिना मोरी कौन खबर ले।। सावल सा गिरधारी ओ भरोसो भारीओ शरण तिहारी ओ लज्जा हमारी।। हरि बिना मोरी गोपाल बिना मोरीलक्ष्मी नाथ बिना मोरीगोपी नाथ बिना मोरीसावल सेठ बिना मोरी कौन खबर ले।। मोर मुकुट सिर छत्र विराजेकुण्डल की छवि प्यारीभला … Read more