सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ
सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ Sakhi Ri Banke Bihari Se Humari Lad Gai Ankhiyan सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँबचायी थी बहुत लेकिन निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ।। ना जाने क्या किया जादू यह तकती रह गयी अखियाँचमकती हाय बरछी सी कलेजे गड़ गयी आखियाँ।। चहू दिश रस भरी … Read more