हरीदास के बिहारी मुझको गले लगालो
वो गुल किस काम काजिस गुल में खुशबु ना हो,वो दिल किस काम का,जिस दिल में बिहारी जी तू ना हो।। हरिदास के बिहारी,मुझको गले लगालो,कोई नहीं है मेरा,आकर मुझे बचालो,हरीदास के बिहारी,मुझको गले लगालो।। चौखट पे तेरी बैठा,विश्वास को जगाये,कही बुझ ना जाये दीपक,आकर इसे सम्भालो,हरीदास के बिहारी,मुझको गले लगालो।। दुनिया की खाई ठोकर,अब … Read more