मैं तो श्याम की पगली जी
है मदारी मेरा साँवरियारे मैं उसकी एक बंदरिया।। जो कहता श्याम मैं करतीउसके इशारे पे चलती।। वो बँधे जहा मैं बँधतीवो जैसे नचाए नाचती।। मैं तो श्याम की पगली जीजी मैं तो श्याम की पगली जी।। Hai Madari Mera SanwariyaRe Mai Uski Ek Bandariya Jo Kahta Shyam Mai KartiUske Ishare Pe Chalti Vo Bandhe Jaha … Read more