अरि जय जगदम्बे माता मैं शरण तुम्हारी आया
अरि जय जगदम्बे मातामैं शरण तुम्हारी आयाजब जब कष्ट पड़े भक्तो परतब तब कृपा करि माँ उनपरओ रखती भक्तो से नातामैं शरण तुम्हारी आया।। अरि जय जगदम्बे मातामैं शरण तुम्हारी आया।। घर घर विविध रूप कल्याणीबड़े बड़े असुर हरे महारानी।।पार कोई नहीं है पातामैं शरण तुम्हारी आयाअरि जय जगदम्बे मातामैं शरण तुम्हारी आया।। अब कर … Read more