तेज है लेकिन गमों की आंधियां चली जाएगी

मुझे अपनों ने मारा औरो का क्या दम थामेरी कश्ती वह डूब गयी जहाँ पानी काम थाआप गैरो की बात करते हो हमने अपनों से चोट खायी हैआप काटो की बात करते हो हमने फूलो से चोट खायी है।। तेज है लेकिन गमों की आंधियां चली जाएगी,इन चिरागों को ना छूना उंगलियां जल जाएगी।। तेज … Read more

संत रविदास अमृतवाणी दोहावली

हरि सा हीरा छांड कै, करै आन की आसते नर जमपुर जाएंगे, सत भाषै रविदास।। जा देखैै घिन ऊपजै, नरक कुण्ड में बास,प्रेम भक्ति से ऊद्धरै परगट जन रैदास।। ऐसा चाहूँ राज मैं जहाँ मिलै सबन को अन्न,छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहै प्रसन्न।। पराधीनता पाप है, जान लेहु रे मीतरैदास दास पराधीन सौं, … Read more

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी

ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी,ठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी,आदत पुरानी लीक पे चलती चली गयी।। हम चाहते थे होवे हरी की उपासना,दिन रात मगर वासना छलती चली गयीठहरी नहीं ये उम्र भी ढलती चली गयी।। दुनिया में दिखा सब कुछ लेकिन मिला न कुछ,बेबस जवानी हाथ भी मलती चली … Read more

प्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा

ओ ओ प्रभुजी मेरे प्रभुजी मेरेप्यासा हिरन जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा।। प्यासा हिरण जैसे ढूंढे है जल को,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा,ऐसे प्रभु मैं तुझे खोज रहा।। तू ही मेरे मन की अभिलाषा,तू ही मेरे मन की अभिलाषा,तेरी पूजा निस दिन करता रहूँ … Read more

कण कण में जो रमा है हर दिल में है समाया

कण कण में जो रमा है हर दिल में है समाया,उसकी उपासना ही कर्तव्य है बताया,कण कण में जो रमा हैं हर दिल में है समाया।। दिल सोचता है खुद वह कितना महान होगा,इतना महान जिसने संसार है बनाया,इतना महान जिसने संसार है बनाया,कण कण में जो रमा हैं हर दिल में है समाया।। देखो … Read more

माँ नर्मदा तू है कलयुग की गंगा

माँ नर्मदा तू है कलयुग की गंगा,दर्शन से तेरे मन हो जाए चंगा,माँ नर्मदा हो माँ नर्मदा हो माँ नर्मदा हो,माँ नर्मदा तू हैं कलयुग की गंगा,दर्शन से तेरे मन हो जाए चंगा।। कलियुग में गंगा माँ नर्मदा है,पतितों की पावन माँ नर्मदा है,माँ नर्मदा तू हैं कलयुग की गंगा,दर्शन से तेरे मन हो जाए … Read more

भगवान जैसा कोई नहीं

भगवान जैसा कोई नहींभगवान जैसा कोई नहींवो तो जहान में सबसे बड़ा हैवो तो जहान में सबसे बड़ा हैभगवान जैसा कोई नहीं।। इस जग का करतार वहीआधार वही दातार वही हैमात पिता बंधू सखासारे जग का आधार वही हैबुद्धि के सहरो का वही आसरा हैभगवान जैसा कोई नहीं।। जब सब रिश्तेदार छोड़ करमुँह मोड़ चुके … Read more

देखो आई बसंत मतवारी रे

फागुन के रंग उड़े पुरवा के संग चले,चुनर के संग उड़े साड़ी रे,देखो आई बसंत मतवारी रे,देखो आई बसन्त मतवारी रे।। सरसों के फूल खिले खेत भये न्यारे,सरसों के फूल खिले खेत भये न्यारे,धरती दुलहनिया को अम्बर निहारे,अखियन की लाज रखी फूलों ने मांग भरी,भँवरों ने आरती उतारी रे,देखो आई बसन्त मतवारी रे।। अम्बवा बोरा … Read more

तू कैसा है नादान तू ढोये मौत का सामान ये दुनिया धोखा है

किताबे खूब मिलती है मगर चिंतन नहीं मिलता,जिसे है मौत की है चाहत उसे जीवन सदा मिलता,बावरे कौन है जग में जिसे सब कुछ दिया रब ने,किसी को धन नहीं मिलता किसी को धन नहीं मिलता।। तू कैसा है नादान तू ढोये मौत का सामान,ये दुनिया धोखा है, ये दुनिया धोखा है।। यहाँ खवाबो में … Read more

कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे

कर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगेएक न एक दिन तो कर्मो लेखो को सामने पाओगेकर्मो के लेखो से कब तक तुम खुद को बचा ना पाओगे।। फूलो की तमन्ना रखते हो काटो का गुलिश्तां मिलता हैकाटो का गुलिश्तां मिलता है संग कर्मो का लेखा चलता हैजो बोया है वही … Read more