फ़कीरी अलबेला रो खेल
कायर सके ना झेल फकीरी,कायर सके ना झेल, फ़कीरी,अलबेला रो खेल, फ़कीरी,फकीरी अलबेला को खेल।अलबेला रो खेल फ़कीरी,कायर सके ना झेल फकीरी।। ज्यूँ रण माहीं लड़े नर सूरा,अणियाँ झुक रहना सैल,गोली नाल जुजरबा चालै,सनमुख लेवै झेल,अलबेला रो खेल फ़कीरी, सती पति संग नीसरी है,अपने पिया के गैल,सुरत लगी अपने साहिब से,अग्नि काया बिच मेल,अलबेला रा … Read more