कलिओं मे राम मेरा किरणों मे राम है
कलिओं मे राम मेरा, किरणों मे राम हैधरती गगन मे मेरे प्रभु का धाम हैकहाँ नहीं राम है… प्रभु ही की धूप छाया, प्रभु की ही चांदनीलहरों की वीना मे है प्रभु जी की रागिनीकहाँ नहीं लिखा मेरे रघुवर का नाम है।। वहीं फूल फूल मे है, वहीं पात पात मे।रहता है राम मेरा, सब … Read more