मेरे हाथो की लकीरों का तमाशा मैं क्या जानू बंदा गरीब है
मुझको तुम्हारी यह जुदाई मार डालेगी,नजरें ना फेरना, तन्हाई मार डालेगी।। ए खुदा यह बता क्यूँ मिली बुझे बेगुनाई की सजा,मर गया मैं मर गया यार है मुझ से खफा,बेगुना मैं बुगुना मैं बेगुना। मेरे हाथो की लकीरों का तमाशा मैं क्या जानू,मानु मैं तो मानु साईं तुझे को ही मानु।लाया ना मैं कोई नजराना, … Read more