तेरे कदमो की आहट का मुझे इंतज़ार है
तेरे कदमो की आहट का मुझे इंतज़ार है,कैसे कहु बाबा तुझसे कितना प्यार है।। श्रद्धा सुमन से अपना आंगन मैंने सजा दिया,साथ में सबुरी का दीपक भी जला दियां,तेरे चिमटे की खन खन का मुझे इंतज़ार है,कैसे कहु बाबा तुझसे कितना प्यार है।। मुझे विशवाश है मेरी सदा न जायेगी खाली,तू पधारो गे मेरे घर … Read more