चंदा सिर पर है जिनके कानो में कुण्डल चमके
चंदा सिर पर है जिनके कानो में कुण्डल चमके,सर्पो की माल गले में गंगा है जटा में जिनके,ऐसे तो भोला शंकर है शंकर को वंदन है।। मेरे भोले भंडारी की नंदी पे सवारी,नंदी की सवारी लागे हमको प्यारी,भस्मी रमी है तन पे हाथों में डमरू जिनके,बाघम्बर छाल कमर पे त्रिशूल है हाथ में जिनके,ऐसे तो … Read more