महाकाल मस्त मलंगा
ओ मेरे शंकर ओ मेरे जोगियाभोले भंडारी बबम बबमशिव त्रिशूल धरी बबम बबमजिनके सर से निकलती है गंगावो है महाकाल मस्त मलंगा।। जिनके ध्यान से होता है मन चंगाजिनके ध्यान से होता है मन चंगावो है महाकाल है मस्त मलंगाभोले भंडारी बबम बबमशिव त्रिशूल धरी बबम बबम।। हाथ कमंडल डमरू साजेहाथ कमंडल डमरू साजेकरुणा जिनके … Read more