तेरे डमरू की धुन पे आज जगत ये नाचे रे
हे शिव शंकर कैलाशी ओमकारा तू अविनाशी,तू कण कन का है वासी तू है काशी का निवासी,तेरा डम डम डम डम डम डम डमरू बाजे रेतेरे डमरू की धुन पे आज जगत ये नाचे रे।। है रूप तेरा अलबेला ओ भोले भंडारी,हुई दुनिया दीवानी तेरी शिव भोले त्रिपुरारी,तेरे शिवालय पे आते है सारे नर व … Read more