महाकाल बाबा उज्जैन अपने दरबार मे तू बुलाले
महाकाल बाबा उज्जैनवाले जीवन मेरा तेरे हवाले,दर दर भटका पड़ गएछाले मुझको तू उज्जैन बुलाले,मैं तो न जाऊ किसी दर पे,तू बुलाले बुलाले बुलाले तू बुलालेअपने दरबार मे तू बुलाले।। साँचा दरबार है करलो दीदार है,बेल पत्री तू आके चढ़ा दे,तेरी झोली भरे हाँथ सर पर धरे,बात दिल की तू इनको सुना दे,सब भक्तो का … Read more