ये नजर महाँकाल की
तारने वाले हो कयामत की नजर रखते होउज्जैन में बैठ कर जमाने की खबर रखते हो ।। मुझको उठा के राह से दर पर बुला लियापत्थर था मैं तो राह का हीरा बना दियाजिस दिन से मिला है मुझे इस दर का उतारापहुँचा बुलंदियों पे था तकदीर का माराये नजर महाँकाल की थामा है महाँकाल … Read more