बड़ा है दयालु भोलेनाथ डमरुँ वाला
शिव समान दाता नहीं विपत निवारण हार,लज्जा सबकी राखियो ओ नंदी के असवार।। बड़ा है दयालु भोलेनाथ डमरुँ वाला,जिनके गले में विषधर काला नीलकंठ वाला,भोलेनाथ डमरुँ वाला बड़ा है दयालु,भोलेनाथ डमरुँ वाला बड़ा है दयालु,भोलेनाथ डमरुँ वाला।। बैठे पर्वत धुनि रमाए,बदन पड़ी मृगछाला है,कालो के महाकाल सदाशिव,जिनका रूप निराला है,उनकी गोदी में गजानन लाला नीलकंठ … Read more