चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो,
अरे रे मत करो मने परेशान सांवरियां मुझपे जरा ध्यान दो
चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो।।
राधे मत होवे परेशान चुनर तने आज मैं नई दिला दूँ
ब्रिज में होरी खेले आज मैं तेरा रंग से अंग खिला दूँ
राधे मत होवे परेशान चुनर तने आज मैं नई दिला दूँ।।
श्याम मेरा रंग गोरा चिता तू इस पे मत मारे छिट्टा
मुखड़े पे जब रंग डारे मेरा छुट जावेगा टिका
भोली सी इस राधा पे सांवरियां ना पिचकारी मारो
चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो।।
इतना मत कर तू रम झोल अरी पानी में तू रंग गोल
अज तू प्रेम से रंग लग वा ले ना कर तू प्यारी टाल मटोल
मैं तेरे आकर सुन प्यारी अरी बंजर में फूल खिला दूँ
राधे मत होवे परेशान चुनर तने आज मैं नई दिला दूँ।।
तने के लेंना मेरे से बता दे साफ़ साफ़ छलिया,
करे रगडा रगड़ी संग में पड़ा दे तूने प्गलियाँ,
श्याम मेरा रंग हो जावे हो अरे गोर से कालो
चुनर मेरी नयी नयी कान्हा अरे मत इसपे तुम रंग डारो।।
अरी इस रंग ना डारु मैं मिलका के सिर में रंग प्यारी
के वनवारी संग राधा के खेल के होली खेले नर नारी
के मोहन शर्मा संग में आज तने मैं ब्रिज के खेल खिला दूँ
राधे मत होवे परेशान चुनर तने आज मैं नई दिला दूँ।।