दर्शन को दिल है दीवाना श्याम घर मेरे आना
घर मेरे आना श्याम घर मेरे आना
दर्शन को दिल है दीवाना…………….
कब से हैं दर्शन को व्याकुल ये अँखियाँ
अँखियों में आके समाना श्याम घर मेरे आना
दर्शन को दिल है दीवाना…………….
मोर मुकुट तेरे माथे सजाऊंगी
आकर के मुरली बजाना श्याम घर मेरे आना
दर्शन को दिल है दीवाना…………….
माखन मिश्री मैं तुमको खिलाऊंगी
आकर के भोग लगाना श्याम घर मेरे आना
दर्शन को दिल है दीवाना…………….
मुझ बेचैन की बहियाँ पकड़ लो
भव से पार लगाना श्याम घर मेरे आना
दर्शन को दिल है दीवाना…………….