
कन्या पूजन करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
Karo Karo Ji Kanya Poojan Karo Karo Ji
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
सुख सम्पति ऐस्वर्य दान दे
विजय रूप यश बल महान दे
मन से ध्यान धरो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
आठ तरह की कन्या पूजन महा शुभ कार्य है
जिनकी आयु इस तरह है
आठ तरह की कन्याओ पूजन महा शुभ कारी है
पहली कन्या तीन बरस की जिनकी महिमा भारी है
श्रद्धा भाव से इन्हे बुला कर आसान पर बैठाओ
मोक्ष अर्थ और काम इनकी दया दृष्टि से पाओ
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
दूजी कन्या कल्याणी के नाम से जानी जाती है
चार बरस की प्यारी प्यारी विद्या विजय दिलाती है
पांच बरस की कन्या सुन्दर इसके चरण धुलाओ
सब रोग कष्ट नष्ट हो जाएंगे जीवन भर सुख पाओ
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
जिसकी आयु छह बरस की वो कन्या तो न्यारी है
साक्षात काली का रूप है शत्रु पे जो भरी है
सात बरस की कन्या पावन जिसके घर में आयी
लाख उसके घर में स्वयं लक्ष्मी स्वयं चल के है आई
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
आठ बरस की जो है कन्या भक्तो के मन भाति है
जिस घर जाती उसके घर के आँगन में सुख बरसाती है
नव दुर्गा का रूप है कन्या आयु नव बरस वाली
होती सिद्ध साधना जिसने लगन लगाली
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
जिस कन्या की उम्र दस बरस दुःख भक्तो के टाले
नहीं भटकने दे जीवन में हर पल यही संभाले
इनका पूजन करके जो भी भोजन इन्हे कराये
कहे लक्खा सुनो बेधड़क सुख सम्पति वो पाए
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
करो करो जी कन्या पूजन करो करो जी
Karo Karo Ji Kanya Poojan Karo Karo Ji – Navratri Kanya Poojan Bhajan